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भारत ने व्यापार वार्ता में प्रस्तावित 12.5% टैरिफ वापस लेने का आग्रह किया

by admin477351
Picture Credit: AI-generated via OpenAI ChatGPT

भारत ने अमेरिका से आग्रह किया है कि भारतीय आयात पर प्रस्तावित 12.5% अतिरिक्त टैरिफ को वापस लिया जाए, और जोर दिया कि व्यापार से जुड़े मुद्दों का समाधान एकतरफा उपायों के बजाय द्विपक्षीय वार्ता के जरिए होना चाहिए। यह अपील उस समय की गई जब अमेरिका में प्रस्तावित टैरिफ पर सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की गई थी। भारत ने इस दौरान कहा कि वह जबरन श्रम से संबंधित मुद्दों पर अमेरिका के साथ सकारात्मक संवाद में शामिल रहा है और भविष्य में भी रचनात्मक बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि जबरन श्रम का उन्मूलन उसके संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय दायित्व का विषय है।

अमेरिकी जांच की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भारत ने कहा कि रिपोर्ट कुछ सीमित उदाहरणों और व्यापक व्यापारिक आंकड़ों पर आधारित है, और भारत के खिलाफ कोई ठोस और देश-विशिष्ट प्रमाण नहीं प्रस्तुत किए गए हैं। भारत का दावा है कि इस जांच में यह साबित नहीं किया गया कि उसकी नीतियों से अमेरिकी उद्योग को कोई अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान हुआ है। भारतीय सरकार का मानना है कि प्रस्तावित टैरिफ के लिए पर्याप्त कानूनी और तथ्यात्मक आधार नहीं हैं।

इसके अलावा, भारत ने अपने चावल निर्यात का बचाव किया, यह बताते हुए कि अमेरिकी बाजार में आयातित चावल केवल विशेष किस्मों की मांग को पूरा करता है। भारत ने यह भी कहा कि वहां ऐसे नियामक प्रावधान लागू हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि जबरन श्रम से उत्पादित चावल का निर्यात नहीं हो। इस परिप्रेक्ष्य में, भारत ने अमेरिका से आग्रह किया है कि व्यापारिक चिंताओं का समाधान द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं के माध्यम से किया जाए।

भारतीय उद्योग संगठनों ने भी इस प्रस्तावित टैरिफ का विरोध किया है, उनका तर्क है कि इससे भारतीय निर्यातकों के साथ-साथ अमेरिकी निर्माताओं, खुदरा कारोबारियों और उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त लागत का बोझ बढ़ेगा। उनके अनुसार, यह प्रस्ताव पर्याप्त साक्ष्यों पर आधारित नहीं है और इससे भारत-अमेरिका आपूर्ति श्रृंखला पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल, 12.5% अतिरिक्त टैरिफ का प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है। अमेरिकी प्रशासन सभी पक्षों की टिप्पणियों और सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लेगा।

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