प्रह्लाद जोशी ने भारत के शिक्षा मंत्री के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालते हुए अपने कार्यकाल की शुरुआत की है। कर्तव्य भवन, नई दिल्ली में अपनी नियुक्ति के बाद, उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन और शिक्षा मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की। जोशी के कार्यभार ग्रहण करते ही, उन्होंने स्कूली शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं पर जानकारी ली।
जोशी ने इस नई भूमिका को एक महत्वपूर्ण दायित्व के रूप में स्वीकार किया है, और उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मंत्रालय की कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझने में उन्हें कुछ समय लगेगा। उनकी प्राथमिकता मंत्रालय की मौजूदा योजनाओं और पहलों को समझने पर है, ताकि वह प्रभावी रूप से योगदान दे सकें। उन्होंने विभाग के गहन अध्ययन के बाद ही विस्तृत टिप्पणी करने की बात कही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सौंपी गई इस जिम्मेदारी को लेकर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उनका ध्यान मंत्रालय की कार्यप्रणाली को समझते हुए प्रमुख शिक्षा कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने पर केंद्रित रहेगा। इस भूमिका में, जोशी की प्राथमिकता शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संचालित करना है।
यह अतिरिक्त प्रभार जोशी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद सौंपा गया। इस नियुक्ति से जुड़ी औपचारिकताओं के पूरे होने के बाद, जोशी ने मंत्रालय के विभिन्न विभागों के साथ तालमेल बैठाने की प्रक्रिया शुरू की है।