भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापार में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है, जिसमें वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 की अप्रैल से सितंबर की अवधि के दौरान अमेरिका को भारत का निर्यात 11.1% बढ़कर $50.81 बिलियन हो गया है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज किए गए $45.73 बिलियन से अधिक है। इस बीच, अमेरिका से भारत में आयात 26% बढ़कर $32.33 बिलियन हो गया है, जो पिछले वर्ष के $25.66 बिलियन से अधिक है।
निर्यात की तुलना में आयात में वृद्धि के कारण अमेरिका के साथ भारत के व्यापार अधिशेष में कमी आई है, जो अब $18.48 बिलियन है, जबकि पिछले वर्ष यह $20.07 बिलियन था। इसके बावजूद, अमेरिका वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के लिए भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना हुआ है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर वार्तालाप में सकारात्मक प्रगति हुई है। दोनों देश समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने और हस्ताक्षर करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, समझौते की समयसीमा अमेरिका की टैरिफ नीतियों और धारा 301 के तहत चल रही प्रक्रिया पर भी निर्भर करेगी।
समझौते का लक्ष्य भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका में बाजार पहुंच को बढ़ाना, टैरिफ-संबंधी चुनौतियों को कम करना और दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करना है। इससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।